आजादी अमृतमहोत्सव के दौरान डोर टू डोर जनसम्पर्क,करीब 600 गांवों में लाखों लोगों को किया गया जागरूक

गोण्डा - सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री के० पी० सिंह ने बताया है कि आजादी के अमृत महोत्सव के दौरान डोर टू डोर जनसम्पर्क अभियान में लगभग 600 गांवों को कवर किया गया। 
   आजादी का अमृत महोत्सव अभियान में जनपद के समस्त ग्राम पंचायतों में 
विधिक सेवा / सहायता गतिविधियों के आयोजन व व्यापक प्रचार - प्रसार हेतु गांव ब्लाक , तहसील एवं जिले स्तर पर सार्वजनिक राशन की दुकानदारों , आशा बहुओं , आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों , लेखपाल पराविधिक स्वयं सेवकों , समाज सेवकों , छात्रों , सरकारी / अर्द्धसरकारी कर्मचारियों , शिक्षित व्यक्तियों आदि का सहयोग रहा तथा जनसम्पर्क अभियान में लगभग लाखों लोगों को विधिक सेवा एवं सहायता गतिविधियों से जागरूक किया गया। 
   
ग्रामपंचायत पथवलिया में आयोजित हुआ विधिक जागरूकता शिविर

       इसी क्रम में आजादी का अमृत महोत्सव के अनुसरण में विधिक सेवा व सहायता गतिविधियों को जन- जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से जनपद गोण्डा के तहसील सदर अन्तर्गत ग्राम पंचायत पथवलिया में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। 
          विधिक साक्षरता शिविर में सचिव श्री सिंह द्वारा जानकारी देते हुए बताया गया कि वर्तमान में न्याय सभी के लिए उपलब्ध है , न्याय पाने का सभी को समान अधिकार है। यदि कोई व्यक्ति अपना मामला न्यायालय में प्रस्तुत करना चाहता है अथवा उसका कोई प्रकरण न्यायालय में लम्बित है तो उस व्यक्ति की गरीबी न्याय दिलाने में रुकावट नहीं होगी। वर्तमान समय में तहसील स्तरीय न्यायालय से उच्च न्यायालय एवं उच्चतम न्यायालय तक न्याय दिलाये जाने हेतु विधिक सेवा समितियां , जिला विधिक सेवा प्राधिकरण , उच्च न्यायालय एवं उच्चतम न्यायालय विधिक सेवा समितियां कार्य कर रही हैं। कोई भी व्यक्ति जो अनुसूचित जाति या जनजाति का सदस्य है , मानव दुर्व्यव्हार एवं बेगारी से पीड़ित है , स्त्री या बालक है , मानसिक रूप से अस्वस्थ अथवा असमर्थ है , जातीय हिंसा , अत्याचार , औद्योगिक कर्मकार आदि श्रेणी में आने वाले व्यक्ति हैं , तो निःशुल्क विधिक सहायता पाने के हकदार हैं। इसके लिए आवेदन जिले में सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को करना पड़ेगा। दूरस्थ ग्रामीण एवं दूरगामी क्षेत्रों में रहने वाले व्यक्ति आनलाइन के माध्यम से विधिक सेवाओं की जानकारी तथा निःशुल्क विधिक सहायता प्राप्त कर सकते हैं। 
       विधिक साक्षरता शिविर में सचिव द्वारा निःशुल्क विधिक सहायता के सन्दर्भ में सांविधानिक उपबन्ध , दण्ड प्रक्रिया संहिता में वर्णित उपबन्ध व माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिये गये अद्यतन निर्णयों पर भी विस्तृत रूप से जानकारी दिया गया। इसके अतिरिक्त महिलाओं , बालक / बालिकाओं से सम्बन्धित कानून वरिष्ठ नागरिकों से सम्बन्धित कानून , लोक अदालत , विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा संचालित योजना तथा राज्य सरकार व केन्द्र सरकार द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी प्रदान की गयी।

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