योगी सरकार के दावे फेल,जिम्मेदारों के आगे सरकारी निर्देश बौना,खरीद लक्ष्य के करीब,धान बेचने को भटक रहे किसान।

करनैलगंज/गोण्डा - जहाँ एक तरह प्रदेश की योगी सरकार किसानों की उपज बढ़ाने व उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिये नित नये निर्देश जारी कर उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयाश कर रही है। वहीं दूसरी ओर जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही,बिचौलियों की सेंधमारी तथा लूट घसोट के चलते किसान अपना धान बेंचने को दर-दर भटक रहा है जिसकी आवाज न तो अधिकारियों तक पहुँचती है और न ही जनप्रतिनिधियों को सुनाई देती है। अपनी कारगुजारियों को लेकर अक्सर चर्चित रहने वाले मंडी परिषद में संचालित धान क्रय केंद्र पर किसानों का धान अव्यवस्था और लापरवाही का शिकार होकर खराब हो रहा है। ज्ञातव्य है कि करनैलगंज स्थित मंडी परिषद में खादय रशद बिभाग का क्रय केंद्र संचालित हैं। जहाँ धान बेचने के लिये किसान आये दिन चक्कर काटते देखे जा सकते हैं। बुधवार को उक्त क्रय केंद्र पर धान बेचने के लिये भटक रहे परसा गांव निवासी अजय प्रताप सिंह ने बताया कि उन्होने काफी दिनों पूर्व ऑनलाइन करवाया था तौल नही हो पाई। और अभी कोई तिथि भी नही बतायी जा रही है। ग्राम पंचायत करूवा के राहुल पाण्डेय का धान तौल न हो पाने के कारण एक सप्ताह पूर्व बाहर ही रखवा दिया गया जिसे छुट्टा जानवरो ने खूब नुकसान पहुचाया,तथा अब उसे खराब बता कर वापस ले जाने को कहा जा रहा है। वहीं कंजेमऊ के चंद्रेश प्रताप सिंह का कई कुंतल धान ऑनलाइन करवाने के बाद भी अभी तक नही तौला गया है । बता दें कि डिप्टी आर एम ओ ने मंगलवार को तहसील दिवस में आई शिकायत पर  क्रय केंद्र के कर्मचारियों को धान खरीद में तेजी लाने के लिये आवश्यक निर्देश भी दिया है । लेकिन इसके बावजूद भी किसानो का धान केंद्र के बाहर ट्रालियों में लदा खड़ा है। जिसका कोई पुरसाहाल नहीं है। धान बेचने वाले तमाम किसान तौल की प्रतीक्षा कर रहे हैं। वहीँ क्रय केंद्र प्रभारी के बैनर पर दिए गये मोबाइल नंबर पर जब संपर्क किया गया तो नंबर के सेवा में ना होने का उत्तर मिला। लेकिन वहां मौजूद उनका कार्य देखने वाले कर्मचारी राम लखन ने अपने मोबाइल से किसी नंबर पर  प्रभारी से  संपर्क करवाकर बात करायी। केंद्र प्रभारी शैलेश कुमार सिंह ने बताया अब तक 84 किसानों से 7000 कुंटल के सापेक्ष 5200 कुंतल धान खरीद हो गयी है और सभी का भुगतान भी हो गया है। जबकि अभी जाँच कराई जा तो कई किसानों का भुगतान लम्बित है।

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